मोहसिन......
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चंद पल फुरसत के
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Thursday, November 19, 2009
हीरा
कूड़े के ढ़ेर पर लेटे
दो बच्चों को देखा ,
पेंसिल मुंह में डाले ,
किताब पढ़ रहे थे ।
सुना है, कीचड़ में ही
कमल खिलते हैं,
तो क्या,कूड़ों के ढ़ेर से ,
हीरे भी निकलते हैं ?
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